हमारा परिचय
हम समाचार, समसामयिक विषयों, विचारों, संस्कृति, समाज, स्थानों, प्रकृति, प्रौद्योगिकी, इतिहास और दैनंदिन जीवन की विविध प्रारूपों में पड़ताल करते हैं। इनमें संक्षिप्त खोजपरक प्रस्तुतियों और दृश्य कहानियों से लेकर निबंध, विश्लेषण, दृष्टिकोण, साक्षात्कार और विस्तृत रचनाएँ सम्मिलित हैं।
हमारा विश्वास है कि भिन्न विषयों को प्रस्तुत करने की पद्धतियाँ भी भिन्न होनी चाहिए। कुछ विचार संक्षिप्त प्रस्तुति चाहते हैं; अन्य समय और विस्तार की माँग करते हैं।
imloka का उद्गम भारत में हुआ, पर हमारी जिज्ञासा सीमाओं पर समाप्त नहीं होती। एक स्थानीय वृत्तांत अपने भीतर कहीं अधिक व्यापक अर्थ समेटे हो सकता है; उसी प्रकार, वैश्विक घटनाओं का वास्तविक अर्थ प्रायः स्थानीय जीवनानुभवों में दिखाई देता है।
हम चाहते हैं कि imloka बौद्धिक हो, पर पहुँच से बाहर नहीं; दृश्य रूप से विशिष्ट हो, पर ध्यान भंग करने वाला नहीं; और गंभीर हो, पर हमेशा बोझिल नहीं।
संसार में पहले से ही इतनी अधिक सूचना उपलब्ध है कि कोई भी व्यक्ति उसे संपूर्ण रूप से ग्रहण नहीं कर सकता। हमारा उद्देश्य केवल उसमें वृद्धि करना नहीं है। हम सार्थक विषयों को पहचानकर, उन्हें गहराई से समझकर ऐसे रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं जो विषय और पाठक, दोनों के लिए सम्मानजनक हो।
हमारा स्वरूप
भारत में जन्मा imloka एक स्वतंत्र वैश्विक संपादकीय प्रकाशन है।
हमारा संपादकीय कार्य समसामयिक घटनाओं और समाज से लेकर प्रकृति, स्थानों, प्रौद्योगिकी, इतिहास तथा दैनंदिन जीवन तक विस्तृत है। इसे हम पत्रकारिता, निबंध, विश्लेषण, दृष्टिकोण, सांस्कृतिक लेखन, दृश्य कहानियों, साक्षात्कारों और अवलोकनों जैसे अनेक रूपों में प्रस्तुत करते हैं।
हम संदर्भों, अनदेखे सूत्रों और विचारपूर्ण असहमति में रुचि रखते हैं; विशेषतः उन प्रसंगों में जो पाठकों को परिचित विषयों पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित करें।
हमारे लेखक किसी विषय पर भिन्न दृष्टियाँ रखकर उन्हें अपनी शैली में व्यक्त कर सकते हैं। विचार उनके अपने होते हैं, पर सटीकता, निष्पक्षता, पारदर्शिता और बौद्धिक सत्यनिष्ठा के प्रति प्रकाशन का उत्तरदायित्व बना रहता है।
हमारे पाठकों को उनकी आयु, व्यवसाय, राष्ट्रीयता या विचारधारा परिभाषित नहीं करती। उन्हें परिभाषित करती है उनकी जिज्ञासा।
हमारी परिकल्पना
हम ऐसा प्रकाशन बनाना चाहते हैं, जिसकी ओर पाठक बाध्यता या आशंका से नहीं, बल्कि इस अपेक्षा से लौटें कि यहाँ उनका समय और ध्यान सार्थक होगा।
एक प्रकाशन, जहाँ संक्षिप्त पाठ और गहन अध्ययन, दोनों के लिए जगह हो। जहाँ किसी एक नुक्कड़ की कहानी, लाखों लोगों को प्रभावित करने वाले विचार के साथ प्रस्तुत की जा सके। जहाँ राजनीति महत्त्वपूर्ण हो, पर प्रत्येक विषय पर हावी न हो। जहाँ कठिन विषयों पर कृत्रिम आक्रोश के बिना विचार किया जा सके। जहाँ संस्कृति, प्रकृति, इतिहास, प्रौद्योगिकी, समाज और साधारण जीवन को एक गतिशील दुनिया के विभिन्न रंगों की तरह समझा जाए। और जहाँ पाठक सूचना की निरंतर धारा में खोए बिना आवश्यक बातों से परिचित रह सकें।
हम चाहते हैं कि imloka वास्तविक अर्थों में वैश्विक बने: अपनी मिट्टी से इतना जुड़ा कि अपना स्वर बनाए रखे, प्रत्येक दिशा के प्रति इतना खुला कि उसकी रुचि हर जगह बनी रहे, और इतना जिज्ञासु कि संसार के साथ स्वयं भी निरंतर नया होता रहे।
imloka अंग्रेज़ी और हिंदी, दोनों में प्रकाशित होता है।